Rahul Gandhi Defamation Case: कांग्रेस नेता राहुल गांधी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने महाराष्ट्र की निचली अदालत में उनके खिलाफ चल रही आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी है। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले की समीक्षा करने पर सहमति जताई है, जिसमें राहुल गांधी को जारी समन रद्द करने से इनकार कर दिया गया था। क्या है पूरा मामला मंगलवार को जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की पीठ ने राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई की। अदालत ने महाराष्ट्र सरकार और शिकायतकर्ता महेश श्रीश्रीमल को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। बॉम्बे हाईकोर्ट से नहीं मिली थी राहत राहुल गांधी ने बॉम्बे हाईकोर्ट के 8 सितंबर 2026 के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ जारी समन को रद्द करने की मांग खारिज कर दी थी। यह समन मुंबई की गिरगांव मजिस्ट्रेट अदालत ने 28 अगस्त 2019 को शिकायत पर संज्ञान लेते हुए जारी किया था। हालांकि, हाईकोर्ट ने मजिस्ट्रेट अदालत को शिकायत पर सुनवाई छह सप्ताह तक टालने संबंधी अपने 2021 के आदेश को जारी रखने को कहा था, ताकि राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट जाने का अवसर मिल सके। अब शीर्ष अदालत के हस्तक्षेप के बाद इस मामले में निचली अदालत की आगे की कार्यवाही फिलहाल रुक गई है। आखिर राहुल गांधी पर क्या हैं आरोप? शिकायतकर्ता महेश श्रीश्रीमल ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने 20 सितंबर 2018 को राजस्थान में एक सार्वजनिक सभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ टिप्पणी की थी। शिकायत के मुताबिक, इन बयानों से प्रधानमंत्री के साथ-साथ भाजपा के सदस्यों और उनसे जुड़े लोगों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। श्रीश्रीमल ने अदालत में यह भी कहा था कि वह भाजपा के सदस्य हैं और अपने नेता के खिलाफ की गई टिप्पणी से आहत हुए हैं। इसी आधार पर उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। अब आगे क्या होगा? सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगाई है और संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। अब मामले की अगली दिशा उनके जवाब और शीर्ष अदालत में होने वाली सुनवाई पर निर्भर करेगी। इस फैसले से राहुल गांधी को फिलहाल राहत जरूर मिली है, लेकिन मानहानि मामले का अंतिम निपटारा अभी बाकी है। ये भी पढ़ें: आजम खां से जेल में ED की पूछताछ, जौहर ट्रस्ट मामले में अब किसकी बारी?